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मैग्नीशियम के कमी के लक्षण, नींद और दिमाग से है डीप कनेक्शन, जानिए किन चीजों को खाने से मिलेगा Magnesium

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : Apr 28, 2026 09:51 am IST,  Updated : Apr 28, 2026 09:51 am IST

Magnesium Deficiency Symptoms: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए मैग्नीशियम एक जरूरी मिनरल है। इसकी कमी से नींद और दिमाग दोनों पर असर पड़ता है। जानिए मैग्नीशियम की कमी के लक्षण और मैग्नीशियम से भरपूर भोजन क्या है?

मैग्नीशियम की कमी के लक्षण- India TV Hindi
मैग्नीशियम की कमी के लक्षण Image Source : FREEPIK

शरीर को फिट रखने के लिए विटामिन और मिनरल जरूरी हैं। मैग्नीशियम उनमें से एक जरूरी मिनरल है, जो आपके शरीर के कई कामों में मदद करता है। मैग्नीशियम वैसे तो ओवरऑल हेल्थ में सुधार लाने के लिए जरूरी है, लेकिन नींद, दिमाग और हड्डियों से इसका डीप कनेक्शन है। शरीर में पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम न होने पर डेली रुटीन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए खाने में मैग्नीशियम वाली चीजें जरूर शामिल करनी चाहिए। खासतौर से 35 से 40 की उम्र में जब शरीर में पोषण की कमी होने लगती है तो मैग्नीशियम बैलेंस पर जरूर ध्यान देना चाहिए। 

मैग्नीशियम की कमी के लक्षण

सिर दर्द- मैग्नीशियम की कमी होने पर सिरदर्द या माइग्रेन की समस्या बढ़ सकती है। क्योंकि मैग्नीशियम मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं को फैलाने के लिए जरूरी है। इसकी कमी से दिमाग में खून ठीक से नहीं पहुंच पाता है। इससे न्यूरोट्रांसमीटर गतिविधि और ब्लड सर्कुलेशन बाधित होता है। जिससे सिरदर्द की समस्या बढ़ सकती है। 

नींद की समस्या- जब शरीर में मैग्नीशियम कम होने लगता है तो इससे नींद भी प्रभावित होती है। नींद के लिए जरूरी न्यूरोट्रांसमीटर को कंट्रोल करने में मैग्नीशियम मदद करता है। यह तंत्रिका गतिविधि को धीमा कर देता है, जिससे शरीर और दिमाग दोनों को आराम मिलता है। इससे मेलाटोनिन हार्मोन भी कंट्रोल रहते हैं। जिससे नींद में सुधार आता है। 

मांसपेशियों में ऐंठन- शरीर में मैग्नीशियम की कमी होने पर मांसपेशियों में ऐंठन होने लगती है। ये काफी आम लक्षण है, जिसे लोग नजरअंदाज कर बैठते हैं। मैग्नीशियम मांसपेशियों में कैल्शियम के प्रवाह को नियंत्रित करके मांसपेशियों के संकुचन और रिलेक्सेशन को कंट्रोल करता है। लो मैग्नीशियम से मांसपेशियों में ऐंठन होने लगती है। इससे इलेक्ट्रोलाइट संतुलन और कैल्शियम का संतुलन बिगड़ता है।

थकान और कमजोरी- अगर आप दिनभर थका-थका महसूस करते हैं तो इसकी एक वजन शरीर में मैग्नीशियम की कमी हो सकती है। मैग्नीशियम शरीर में ऊर्जा उत्पादन के लिए जरूरी है। ये खाने को उपयोगी ऊर्जा (एटीपी) में बदलता है और शरीर को एनर्जी देता है। इसलिए जब मैग्नीशियम कम होने लगता है तो इंसान थकान महसूस करता है।

चिंता और अवसाद- तंत्रिका तंत्र को नियंत्रित करने और मस्तिष्क के सुचारू रूप से कार्य करने के लिए मैग्नीशियम जरूरी है। यह सेरोटोनिन और GABA सहित उन न्यूरोट्रांसमीटरों के रेगुलेशन में मदद करता है जो आपकी चिंता या शांति के स्तर को प्रभावित करते हैं। मैग्नीशियम की कमी से मनोदशा में बदलाव, बिना कारण का तनाव, चिंता या अवसाद के लक्षण भी हो सकते हैं। 

मैग्नीशियम की कमी पूरी करने के लिए क्या खाएं?

पत्तेदार सब्जियां खाएं, जिसमें पालक, फलियां जैसे दाल और काली फलियां, मेवे और बीज में बादाम, कद्दू के बीज, चिया बीज खाएं। साबुत अनाज नें क्विनोआ, ब्राउन राइस खाएं। मीठा खाने का मन है तो डार्क चॉकलेट खा सकते हैं। इसके अलावा केले, एवोकाडो, और सोया उत्पाद टोफू में भी मैग्नीशियम पाया जाता है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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